PM Awas Yojana 2.0 New Update
PMAY 2.0 क्या है
अगस्त 2024 में केंद्रीय कैबिनेट ने PM आवास योजना को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी, जिसे PMAY 2.0 कहा जाता है। यह फेज वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक चलेगा। पुराने 2.95 करोड़ घरों के टारगेट के ऊपर अब 2 करोड़ और घर जोड़े गए हैं, यानी कुल टारगेट 4.95 करोड़ घर हो गया है। इसके लिए करीब 3.06 लाख करोड़ रुपये का आउटले तय किया गया है।
1.0 और 2.0 में फर्क
पुरानी योजना और मौजूदा फेज के बीच मुख्य अंतर इस टेबल में देखे जा सकते हैं।
| पहलू | PMAY 1.0 (2016–2024) | PMAY 2.0 (2024–2029) |
|---|---|---|
| घरों का टारगेट | 2.95 करोड़ | अतिरिक्त 2 करोड़ (कुल 4.95 करोड़) |
| लाभार्थी डेटा का आधार | सिर्फ SECC 2011 | SECC 2011 + Awaas Plus 2024 सर्वे |
| दोपहिया, फ्रिज, लैंडलाइन | होने पर अपात्र | अब अपात्र नहीं करते |
| मासिक आय सीमा | अलग से स्पष्ट सीमा नहीं थी | ₹15,000 प्रति माह तक |
| सहायता राशि | ₹1.20 / ₹1.30 लाख | ₹1.20 / ₹1.30 लाख |
पात्रता में क्या बदला
सबसे बड़ा बदलाव exclusion criteria में हुआ है। पहले किसी परिवार के पास दोपहिया वाहन, फ्रिज या लैंडलाइन फोन होने पर आवेदन अपने आप रद्द हो जाता था, भले ही घर की हालत कितनी भी खराब क्यों न हो। यह शर्तें अब हटा दी गई हैं। साथ ही मासिक आय की सीमा ₹15,000 तय की गई है, जो पहले इतनी स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं थी। इसका मतलब है कि जो परिवार पहले इन्हीं वजहों से बाहर हो गए थे, वे अब दोबारा पात्र हो सकते हैं।
नई सर्वे व्यवस्था
2016 से 2024 तक लाभार्थियों का चयन सिर्फ SECC 2011 के डेटा से होता था। इसमें बहुत से गरीब परिवार छूट गए थे, या समय के साथ उनकी घर की हालत बिगड़ गई। इसी कमी को पूरा करने के लिए 15 जनवरी 2025 से Awaas Plus 2024 सर्वे शुरू किया गया। यह सर्वे AwaasPlus ऐप के जरिए होता है, जिसमें परिवार खुद आधार फेस ऑथेंटिकेशन से सर्वे कर सकते हैं, या पंचायत के सर्वेयर से करवा सकते हैं। यह सर्वे ही 2 करोड़ अतिरिक्त घरों के टारगेट के लिए नया डेटा तैयार कर रहा है।
सहायता राशि में बदलाव
घर बनाने के लिए मिलने वाली मूल राशि नहीं बदली है, अब भी मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी, दुर्गम व IAP जिलों में ₹1.30 लाख मिलते हैं। बदलाव राशि में नहीं, बजट के आकार में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 में PMAY के लिए बजट आवंटन पिछले सालों के मुकाबले काफी बढ़ाया गया है, ताकि ज्यादा घर तेजी से सैंक्शन और पूरे हो सकें। किश्त पाने की प्रक्रिया, geo tagging और DBT का तरीका भी पहले जैसा ही है, बस अब निगरानी के लिए सैटेलाइट डेटा और ऐप आधारित क्रॉस चेकिंग का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हमारा आवेदन पहले रद्द हो गया था, क्या 2.0 में दोबारा कोशिश कर सकते हैं?
क्या 2.0 में सहायता राशि बढ़ी है?
SECC 2011 में नाम था, क्या दोबारा Awaas Plus सर्वे करवाना जरूरी है?
PMAY 2.0 कब तक चलेगा?
पात्रता दोबारा चेक करनी है?
नई relaxed शर्तों के हिसाब से अपनी पात्रता देखें, या रजिस्ट्रेशन का तरीका जानें।