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PM आवास योजना शिकायत कैसे दर्ज करें - BDO, pgportal और RTI

June 24, 2026
7 min read

एस्केलेशन का सही क्रम

PMAY-G से जुड़ी समस्या को हल करवाने का एक तय क्रम है, हर स्टेप को छोड़कर सीधे अगले पर जाने से मामला उल्टा धीमा हो सकता है, क्योंकि ऊपर के दफ्तर अक्सर पहले स्थानीय स्तर पर समाधान की कोशिश की सलाह देकर वापस भेज देते हैं। सही क्रम है, ग्राम पंचायत, फिर BDO को लिखित शिकायत, फिर pgportal.gov.in पर औपचारिक शिकायत, और आखिर में RTI। ज्यादातर मामले पहले दो स्टेप में ही सुलझ जाते हैं, बाकी दो असली दबाव तब बनाते हैं जब स्थानीय स्तर पर कुछ नहीं होता।

ग्राम पंचायत से शुरू करें

PMAY-G जमीनी स्तर पर ब्लॉक और पंचायत के जरिए ही लागू होती है, इसलिए शुरुआत हमेशा यहीं से करनी चाहिए। पंचायत सचिव या सर्वेयर से सीधे मिलकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और समस्या बताएं, ज्यादातर geo tag या दस्तावेज से जुड़ी दिक्कतें यहीं ठीक हो जाती हैं क्योंकि फोटो अपलोड करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होती है। मौखिक बातचीत के अलावा एक बार में ही तारीख के साथ अपनी बात लिखकर भी दे दें, इससे बाद में शिकायत बढ़ाने पर सबूत के तौर पर काम आता है।

BDO को लिखित शिकायत

पंचायत स्तर पर कुछ हफ्तों में हल न निकले, तो अगला कदम Block Development Officer यानी BDO के पास लिखित शिकायत है। मौखिक शिकायत की तुलना में लिखित आवेदन का असर ज्यादा होता है, क्योंकि उसका रिकॉर्ड बनता है।

BDO ऑफिस में लिखित एप्लिकेशन के साथ रजिस्ट्रेशन नंबर, नाम और पता स्पष्ट लिखें
AwaasSoft बेनिफिशियरी पेज का प्रिंटआउट या स्क्रीनशॉट साथ में लगाएं
समस्या साफ शब्दों में लिखें, जैसे geo tag अपलोड न होना या FTO न बनना
शिकायत जमा करने की एक कॉपी पर रिसीविंग स्टाम्प और तारीख जरूर लें

pgportal पर शिकायत

BDO स्तर पर भी हफ्तों तक कुछ न बदले, तो केंद्र सरकार के pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर औपचारिक शिकायत दर्ज करें। यह किसी भी मंत्रालय के खिलाफ शिकायत के लिए एक ही पोर्टल है, और इसका जवाब देना संबंधित विभाग के लिए कानूनन जरूरी है।

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pgportal.gov.in पर जाएं

मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें या पहले से खाता हो तो लॉगिन करें।

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Ministry of Rural Development चुनें

PMAY-G इसी मंत्रालय के अंतर्गत आता है, विषय में योजना का नाम साफ लिखें।

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समस्या विस्तार से लिखें

रजिस्ट्रेशन नंबर, राज्य, जिला, ब्लॉक और सटीक समस्या बताएं, साथ में सबूत अटैच करें।

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सबमिट कर रजिस्ट्रेशन नंबर सेव करें

शिकायत सबमिट होने पर एक ट्रैकिंग नंबर मिलता है, इससे स्टेटस बाद में चेक किया जा सकता है।

RTI कैसे दाखिल करें

अगर pgportal पर भी हफ्तों तक जवाब नहीं मिलता, तो RTI सबसे असरदार तरीका है। यह BDO ऑफिस के Public Information Officer यानी PIO को भेजा जाता है, और कानूनन 30 दिन में जवाब देना जरूरी है। व्यावहारिक रूप से RTI दाखिल होते ही अक्सर मामला जवाब आने से पहले ही सुलझ जाता है, क्योंकि इससे फाइल पर सीधी जवाबदेही बन जाती है।

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आवेदन कहां जमा करें

rtionline.gov.in पर ऑनलाइन, या BDO ऑफिस में सीधे ₹10 का कोर्ट फीस स्टाम्प लगाकर।

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आवेदन किसे संबोधित करें

अपने ब्लॉक के BDO ऑफिस के Public Information Officer (PIO) को।

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क्या पूछना है साफ लिखें

किश्तवार भुगतान की तारीख और राशि, geo tag वेरिफिकेशन स्टेटस, FTO जनरेशन की तारीख, और देरी की वजह।

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रसीद और आवेदन नंबर संभालकर रखें

ऑनलाइन आवेदन पर तुरंत एक नंबर मिलता है, इससे स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।

आवेदन में क्या लिखें, एक उदाहरण

"कृपया मेरे PMAY-G रजिस्ट्रेशन नंबर [XXXX] से जुड़ी निम्न जानकारी उपलब्ध कराएं: (1) अब तक जारी हुई हर किश्त की तारीख और राशि, (2) हर निर्माण स्टेज के geo tag वेरिफिकेशन की तारीख और स्टेटस, (3) अगली किश्त के FTO की मौजूदा स्थिति और जनरेशन की तारीख, (4) यदि कोई किश्त लंबित है तो उसकी विशिष्ट वजह और जिम्मेदार अधिकारी का नाम।"

जवाब न मिले तो

RTI का जवाब 30 दिन के भीतर कानूनन देना जरूरी है। अगर इस समय सीमा में कोई जवाब नहीं आता, या जवाब अधूरा लगता है, तो Section 19(1) के तहत First Appeal दाखिल की जा सकती है, यह उसी विभाग में एक वरिष्ठ अधिकारी (First Appellate Authority) के पास जाती है। इसके लिए भी कोई अतिरिक्त फीस नहीं लगती, और मूल RTI आवेदन नंबर के साथ आवेदन देना होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सीधे RTI या pgportal पर जाकर शिकायत शुरू की जा सकती है, पंचायत को छोड़कर?
तकनीकी रूप से हां, लेकिन इससे मामला अक्सर धीमा हो जाता है, क्योंकि ऊपर के दफ्तर पहले स्थानीय स्तर पर समाधान की कोशिश की सलाह देकर वापस भेज देते हैं। पंचायत और BDO से शुरुआत करना ज्यादा तेज तरीका है।
RTI का जवाब कैसे मिलता है?
अगर rtionline.gov.in से आवेदन किया है, तो जवाब पोर्टल पर और रजिस्टर्ड ईमेल पर आता है। ऑफलाइन आवेदन पर जवाब डाक से या दिए गए पते पर आता है।
क्या एक ही मुद्दे के लिए बार-बार RTI दाखिल कर सकते हैं?
एक बार जवाब मिल जाने के बाद उसी जानकारी के लिए दोबारा RTI डालने का कोई फायदा नहीं, लेकिन अगर स्थिति बदल गई है, जैसे नई किश्त भी अटक गई है, तो नया आवेदन दिया जा सकता है।
शिकायत में गलत या अधूरी जानकारी देने पर क्या दिक्कत हो सकती है?
गलत जानकारी से जांच में देरी होती है और मामला उल्टा जटिल हो सकता है। रजिस्ट्रेशन नंबर, तारीख और अन्य जानकारी हमेशा AwaasSoft पोर्टल से मिलाकर ही भरें।

शिकायत दर्ज करने के लिए तैयार हैं?

पहले अपनी समस्या की सही वजह पहचानें, फिर सही जगह शिकायत करें।