महिला मुखिया और विधवाओं के लिए PMAY-G
सह-स्वामित्व का नियम
PMAY-G के तहत बना घर परिवार की महिला के नाम या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर दर्ज होता है, यह कोई विकल्प नहीं बल्कि स्कीम की मूल शर्त है। सिर्फ उन्हीं मामलों में घर पुरुष सदस्य के नाम पर दर्ज हो सकता है जहां परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य ही न हो। PMAY-G 2.0 में सरकार ने इसे और आगे बढ़ाया है, पहले फेज में करीब 74% घर महिला के नाम या संयुक्त नाम पर थे, दूसरे फेज में लक्ष्य 100% महिला स्वामित्व का रखा गया है।
विधवा और अकेली महिलाएं
विधवा, अलग रह रही या अविवाहित महिलाओं के लिए किसी पुरुष सह-आवेदक की जरूरत नहीं होती, वे सीधे अपने नाम पर आवेदन और रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं। ऐसे मामलों में घर पूरी तरह उसी महिला के अकेले नाम पर दर्ज होता है, संयुक्त स्वामित्व की शर्त सिर्फ तब लागू होती है जब घर में पति-पत्नी दोनों मौजूद हों। यह प्रावधान खासतौर पर उन महिलाओं के लिए मददगार है जो अपने परिवार में अकेली कमाने वाली या घर संभालने वाली हैं।
प्राथमिकता में कहां आती हैं
महिला मुखिया वाले परिवार, खासकर जहां 16 से 59 साल का कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है, उन्हें deprivation score में अतिरिक्त प्राथमिकता मिलती है, यानी चयन में यह परिवार सामान्य से आगे रखे जाते हैं। विधवाओं को भी इसी तरह प्राथमिकता सूची में ऊपर रखा जाता है। पूरी प्राथमिकता व्यवस्था, exclusion शर्तों और deprivation parameters की विस्तृत जानकारी हमारी पात्रता गाइड में है।
जरूरी दस्तावेज
सामान्य दस्तावेजों के अलावा, स्थिति के हिसाब से कुछ अतिरिक्त कागजात मांगे जा सकते हैं।
सटीक जरूरी दस्तावेज राज्य और पंचायत के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं, आवेदन से पहले एक बार अपनी ग्राम पंचायत से पुष्टि कर लेना ठीक रहेगा।
किश्त किसके खाते में आती है
घर जिस नाम पर सैंक्शन होता है, किश्त भी उसी व्यक्ति के आधार-लिंक बैंक खाते में DBT के जरिए आती है। यानी अगर घर विधवा या अकेली महिला के अकेले नाम पर दर्ज है, तो सारी किश्तें भी उसी के खाते में आएंगी, परिवार के किसी और सदस्य के खाते में नहीं। इसलिए आवेदन के समय अपना बैंक खाता आधार से सही तरीके से सीड करवाना खास तौर पर जरूरी है, वरना किश्त अटक सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शादीशुदा महिला अपने अकेले नाम पर आवेदन कर सकती है?
अगर पति का देहांत निर्माण के दौरान हो जाए, तो क्या होगा?
क्या विधवा होने पर अलग से कोई अतिरिक्त सहायता राशि मिलती है?
क्या घर बनने के बाद मालिकाना हक बदला जा सकता है?
पात्रता और आवेदन देखें
पूरी पात्रता समझें, फिर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करें।